कोर्स: आदि शंकराचार्य और अद्वैत दर्शन

सनातन पुनर्जागरण की पहल

 

इस कोर्स से आपको मिलेगा क्या?

- व्यापक तौर पर वेदांत दर्शन को समझ पाएंगे
- द्वैत और अद्वैत (दोनों वैदिक मतों) के बीच की एकता को स्थापित कर पाएंगे
- सनातन में मंदिर और मूर्ति के महत्व को समझ पाएंगे
- तर्कपूर्ण शास्त्रार्थ करना सीख पाएंगे
- असली इतिहास बोध जागृत होगा
- अब्राहमिक मतों का तर्कसंगत खंडन कर पाएंगे
- विष्णु अवतार बुद्ध और गौतम बुद्ध के बीच अंतर कर पाएंगे
- नवबौद्धों के वितंडा को ध्वस्त कर पाएंगे
- असली और नकली शंकराचार्यों में भेद कर पाएंगे
- गुरु, गोविन्द और ग्रन्थ की महत्ता को स्थापित कर पाएंगे
- सनातन के पुनरुथान के लिए संगठन निर्माण कर पाएंगे
- सनातन धर्म के जागरण में वर्तमान शंकराचार्यों की भूमिका को समझकर समाज को समझा पाएंगे

कोर्स अनुसूची

आदि शंकराचार्य और अद्वैत दर्शन

* शंकर का जन्म और उनके जीवन की चमत्कारिक घटनाएं
* शिव अवतार शंकराचार्य
* शंकराचार्य के जन्म की अमिट काल रेखा
* अब्राहमिक मतों पर आदि शंकर का प्रभाव
* शंकराचार्य की गुरु परंपरा

* अद्वैत वेदांत क्या है?
* अद्वैत वेदांत का इतिहास
* शंकराचार्य द्वारा अद्वैत वेदांत की पुनः स्थापना

* शंकर को दिग्विजय यात्रा की आवश्यकता क्यों पड़ी?
* शंकराचार्य के समय का भारतवर्ष
* सनातध धर्म और बौद्ध ग्रंथों में वर्णित बुद्ध: दो अलग बुद्ध
* बहु बुद्ध और उनका संप्रदाय
* बौद्धों पर कुमारिल भट्ट का शास्त्रीय प्रहार

* आदि शंकराचार्य का चांडाल से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का व्यासदेव से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का मंडन मिश्र से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का उभय भारती से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का सांख्य दार्शनिकों के साथ शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का वैशेषिकों से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का बौद्धों से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का जैनों से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का वैष्णवों से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का माहेश्वर संप्रदाय से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का शाक्त तांत्रिकों से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का नीलकंठ से शास्त्रार्थ
* आदि शंकराचार्य का भट्टभास्कर से शास्त्रार्थ

* शंकराचार्य द्वारा मूर्ति और मंदिरों का पुनरुद्धार
* द्वैत-अद्वैत दोनों वैदिक मत
* उपनिषद मत

* बौद्ध उपाय: नरेशों का धर्मांतरण
* शंकराचार्य का परिवर्तन चक्र
* माहिष्मती नरेश राजा सुधन्वा की धर्म प्रचार में भूमिका
* गढ़वाल नरेश महाराज पूर्ण वर्मा की भूमिका
* गंगवंशी राजा तिरु विक्रम देव की भूमिका
* नेपाल नरेश वृषदेव वर्मन की भूमिका
* कश्मीर नरेश जलौक की भूमिका
* अन्य नरेश एवं नगरों पर प्रभाव

* प्रस्थान-त्रयी- उपनिषद, गीता और ब्रह्मसूत्र भाष्य
* अन्य भाष्य एवं ग्रंथ रचना
* शंकराचार्य के शिष्यों का परिचय
* चार मठ, चार धर्म राजधानियों की स्थापना
* मठाम्नाय अनुशासन: चार मठों को शासित करने की विधि
* दशनामी संन्यासी संप्रदाय की पुनः स्थापना
* अखाड़ों का पुनरुद्धार

* शंकराचार्य की पुरातनता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय
* शंकर की तरह शास्त्रार्थ की आज भी है आवश्यकता
* वितंडावादियों का खंडन

* शंकराचार्य नाम धारण की ऐतिहासिकता
* चंवर, छत्र आदि धारण करने की प्रासांगिकता
* असली और नकली शंकराचार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश
* राम जन्मभूमि दिलाने में शंकराचार्यों की भूमिका
* सनातन धर्म के केवल चार धर्म सम्राट्

Kurukshreta Gurukulam Foundation (KGF) Presents Online Course

Course Duration

Mode of Teaching

Content(s)

Q & A Session

Certificate

Course Language

: 10 Weeks

: Live

: PDF/Audio/Video

: Weekly

: Certificate after final test

: Hindi & English

First Batch starting on 17TH APRIL.

इस कोर्स से आपको मिलेगा क्या?

- व्यापक तौर पर वेदांत दर्शन को समझ पाएंगे
- द्वैत और अद्वैत (दोनों वैदिक मतों) के बीच की एकता को स्थापित कर पाएंगे
- सनातन में मंदिर और मूर्ति के महत्व को समझ पाएंगे
- तर्कपूर्ण शास्त्रार्थ करना सीख पाएंगे
- असली इतिहास बोध जागृत होगा
- अब्राहमिक मतों का तर्कसंगत खंडन कर पाएंगे
- विष्णु अवतार बुद्ध और गौतम बुद्ध के बीच अंतर कर पाएंगे
- नवबौद्धों के वितंडा को ध्वस्त कर पाएंगे
- असली और नकली शंकराचार्यों में भेद कर पाएंगे
- गुरु, गोविन्द और ग्रन्थ की महत्ता को स्थापित कर पाएंगे
- सनातन के पुनरुथान के लिए संगठन निर्माण कर पाएंगे
- सनातन धर्म के जागरण में वर्तमान शंकराचार्यों की भूमिका को समझकर समाज को समझा पाएंगे

Register Now (INR)
  • All Credit &

    Debit Cards

  • Net

    Banking

  • Paytm &

    UPI

  • Direct Bank

    Transfer

Register Now (US $)

About the Author

Course Designed & Curated By: SANDEEP DEO

Claim your donation acknowledgement now!

(For payment done via PayTM, UPI & Bank Transfers)